गोल्ड मेडल जीतने वाली निशानेबाज को नहीं मिल रही तनख्वाह, फिर भी कर रही ओलिंपिक की तैयारियां

New Delhi: एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय महिला निशानेबाज राही सरनोबत ने कहा कि वे बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से पिस्टल निशानेबाज में शीर्ष स्तर पर बने रहने के लिए मेहनत कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अब तक वित्तीय रूप से सुरक्षित नहीं हो सकी है।

मालूम हो कि राही अपने राज्य के राजस्व विभाग में डिप्टी कलेक्टर है, लेकिन अपनी खेल प्रतिबद्धताओं की वजह से वे साल 2017 सितंबर से बगैर वेतन के चल रही है। इसको लेकर महाराष्ट्र के कोल्हापुर की पिस्टल निशानेबाज राही सरनोबत ने कहा कि मैने राज्य के राजस्व विभाग से बिना वेतन के छुट्टी ली हुई है। मुझे सिंतबर 2017 से अब तक वेतन नहीं मिला है, हालांकि मैने मुंबई जाकर अपने नियोक्ता से बात करने के बारे में सोचा, लेकिन बतौर पेशेवर निशानेबाज समय निकालना काफी मुश्किल होता है।

 

अपनी बात को जारी रखते हुए 28 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज ने कहा कि उन्हें एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल से करब 70 लाख रूपए की धनराशि बतौर इनाम प्राप्त हुई थी। इसमें से महाराष्ट्र सरकार ने 50 लाख और खेल मंत्रालय ने 20 लाख रुपए का इनाम दिया था, लेकिन एक शीर्ष स्तर के निशानेबाज बने रहने के लिए काफी खर्चा आता है। ऐसे में उन्हें कई तरह की मुश्किलात का सामना करना पड़ता है।हालांकि इस वक्त मेरा ध्यान साल 2020 में होने वाले टोक्यो ओलिंपिक पर है और इसके ट्रेनिंग से वे जरा भी समझौता नहीं कर सकती।राही सरनोबत ने आगे कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि एक पेशेवर निशानेबाज के तौर पर मेरे पास ज्यादा से ज्यादा चार साल का ही समय है,लेकिन अपने 12 साल के करियर में अब तक वे वित्तीय तौर पर मजबूत नहीं हो सकी है।

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